गज केसरी योग, ज्योतिष के सबसे शुभ योगों में से एक है। यह योग तब बनता है जब चंद्रमा और बृहस्पति (गुरु) ग्रह एक-दूसरे के साथ किसी केंद्र स्थान (1, 4, 7 या 10वें भाव) में स्थित हों। इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाता है कि चंद्रमा से चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में गुरु स्थित हो या फिर गुरु से चतुर्थ, सप्तम या दशम में चंद्रमा हो।
'गज' का अर्थ होता है हाथी और 'केसरी' का मतलब होता है शेर । ये दोनों ही जानवर शक्ति, सम्मान और नेतृत्व का प्रतीक माने जाते हैं। इसी प्रकार इस योग से जातक के जीवन में प्रतिष्ठा, ज्ञान, सम्मान और विलासिता आती है